dard bhari shayari

Dard Bhari Shayari, Painful Shayari in Hindi


मुद्दत हो गयी,कोई शख्स तो अब ऐसा मिले… बाहर से जो दिखता हो,अन्दर भी वैसा मिले…!!


जो हैं मज़लूम उन को तो तड़पता छोड़ देते हैं ये कैसा शहर है ज़ालिम को ज़िंदा छोड़ देते हैं😥😥…!!


छोड़ना था तो बहाने की जरूरत क्या थी ? हवाला उम्र के फासलों का जरूरी तो न था…!!


मैं खाली किताब सा हूं तुम भर सकती हो क्या मैं मोहब्बत में मर सकता हूं तुम ऐसी मोहब्बत कर सकती हो क्या….!!


प्यार किसी और से था, किसी और को बताते रहे, ना जाने हमारा दिल क्यों जलाते रहे….!!


कई बार हम किसी की इतनी फिक्र कर लेते है… जितनी की उनको जरूरत भी नहीं होती…!!


आग लगी दिल में जब वो खफ़ा हुए, एहसास हुआ तब, जब वो जुदा हुए, करके वफ़ा वो हमे कुछ दे न सके, लेकिन दे गये बहुत कुछ जब वो वेबफा हुए….!!

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